मोतियाबिंद को प्राकृतिक रूप से रोकने के उपाय Tips To Prevention Cataract Naturally

Tips To Prevention Cataract Naturallyमोतियाबिंद क्या है What Is Cataract

मोतियाबिंद , अंधेपन का एक प्रमुख कारण है। इसमे आंख का लेंस बादल नुमा बन जाता है। प्रकाश किरणों को रेटिना से गुजरने देने के लिए लेंस एक पारदर्शी संरचना है जो पानी और प्रोटीन फाइबर से बना है। जब तंतु आपस में टकराते हैं, तो ऐसी स्थिति मे लेंस अपनी स्पष्टता को खो देता है, जिस वजह से दृष्टि धुंधली हो जाती है।

मोतियाबिंद का प्राकृतिक उपाय Natural Remedies For Cataract

पराबैंगनी किरणों से बचें, सिगरेट आदि धूम्रपान से बचें और शराब कम से कम लें। शराब बिल्कुल ही ना लें तो और अच्छा होगा। ऐसा करने से मोतियाबिंद के विकास से बचने में मदद मिलेगा। मोतियाबिंद के जोखिम को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए तीन अन्य उपाय यहां दिया गया हैं।

एंटीऑक्सिडेंट का सेवन करें Eat Antioxidants

2008 में महिलाओं पर किये गये एक अध्ययन में, पाया गया कि जो लोग पीले या हरे रंग के पत्तेदार सब्जियों में पाया जाने वाला एंटीऑक्सिडेंट का सेवन करते हैं, उनके पास मोतियाबिंद होने का 18% कम संभावना था।

एंटीऑक्सिडेंट का सेवन करने से हानिकारक पराबैंगनी किरणों से रक्षा होता है तथा आंखों के फाइबर प्रोटीन का रक्षा होता है जिससे मोतियाबिंद होने से बजाव होता है।

ओमेगा -3 फैटी एसिड लें Take Omega-3 Fatty Acids

एक अध्ययन मे पाया गया कि ओमेगा -3 फैटी एसिड सूजन से लड़ने के लिए लाभकारी है। ओमेगा -3 फैटी एसिड मोतियाबिंद से आंखों को बचाता है। महिलाओं पर किये गये एक अध्ययन से पता चला कि ओमेगा -3s (जो सार्डिन और सामन जैसी तैलीय मछली में और अलसी मे पाया जाता है) के सेवन से मोतियाबिंद का होने वाला खतरा कम हो जाता है।

हर्बल दवा Herbal Medicine

पशुओं पर किये गये शोध से पता चला कि बिलबेरी (एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध एक जड़ी बूटी) और हल्दी मोतियाबिंद के विकास को रोकने में लाभकारी है।

मोतियाबिंद के कारण Causes Of Cataract

ज्यादातर मामलों में, जब उम्र ज्यादा होने लगता है तो लेंस फाइबर एक साथ आपस मे टकराते हैं। आंखों मे चोट लगने से , आंखों मे बीमारी होने से या आंखों मे सूजन के कारण कम उम्र के व्यक्तियों में भी मोतियाबिंद हो सकता है।

मोतियाबिंद के लक्षण Symptoms Of Cataract

  • आंखों से धुंधला दिखना।
  • रात के समय देखने मे कठिनाई होना।
  • दूर तक नहीं दिखाई देना।
  • चश्मा या लेंस के प्रेस्क्रिप्शन में बार-बार बदलाव आना।
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशील होना।
  • एक आँख से दोहरी दृष्टि होना।
  • रोशनी के आसपास एक प्रभामंडल या चकाचौंध जैसा दीखना।

मोतियाबिंद धीरे-धीरे विकसित होता है और इसमे दर्द नहीं होता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दो साल मे कम से कम एक बार अपने आंखों की जांच करवा लेना चाहिए।

प्राकृतिक उपचार का उपयोग करना Using Natural Treatment

यदि आप मोतियाबिंद के रोकथाम या उपचार के लिए वैकल्पिक उपचार करना चाहते है तो प्राकृतिक उपचार के लिए जड़ी-बूटियों से बना हुआ एक पैक हैं जो मोतियाबिंद का उपचार करने मे सहयोग करता हैं। यह पैकेज सर्जरी का विकल्प है तथा सामान्य दृष्टि को बनाए रखने में मदद करती है। Read More

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