पाचन समस्याओं का मुख्य लक्षण Main Symptoms Of Digestive Problems

Main Symptoms Of Digestive Problemsपाचन समस्याओं का मुख्य लक्षण Main Symptoms Of Digestive Problems

हर व्यक्ति पाचन समस्याओं से प्रभावित होता है , चाहे वह समस्या कब्ज या दस्त का हो। ऐसी समस्यओं मे ऐसा सोचना निराशाजनक होता है कि कुछ गलत हो सकता है। शोध से पता चलता है कि आंतरिक नर्वस सिस्टम, जो शरीर के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम ( आंत) को नियंत्रित करता है, पहले से सोचे हुए बातों का समग्र स्वास्थ्य में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।

यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि आप की समस्या क्या है, तो यहाँ पेट और पाचन से संबंधित कुछ सामान्य कारणों की सूची दी गई है। पाचन मे गड़बड़ी हो तो पेट मे ऐठन के साथ मल या गंभीर दर्द तथा मल में रक्त जैसी समस्या हो सकता है। ऐसी स्थिति मे डाक्टर से सम्पर्क करके दवा लें।

लंबे समय से चल रहे पेट के समस्यओं का लक्षण Symptoms Of Long Running Stomach Problems

  • कई पाचन विकार ऐसे होते हैं जो पाचन अंगों से संबंधित होते है। जो पाचन तंत्र को प्रभावित करते है।
  • पेट की ऊपरी समस्याओं के लक्षणों में डकार आना, गला या छाती में जलन, मतली, उल्टी या पेट के ऊपरी भाग में दर्द हो सकता हैं।
  • गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) – जीईआरडी पेट की बिमारी के मुख्य लक्षणों मे से एक है। यह तब होता है जब ग्रासनली ठीक से काम नहीं करता है। इसका पहचान आमतौर पर खाने के बाद पेट में जलन होता है।
  • पेप्टिक अल्सर: यह पेट के एसिड और पेप्सिन (पाचक एंजाइम) के वजह से होता है। इसके लक्षणों में रक्तस्राव, गैस्ट्रिक रुकावट है।
  • गैस्ट्रिटिस: इसके मुख्य लक्षणों में पेट में सूजन है। आमतौर पर इसके इलाज के लिए पेट के एसिड को कम करने के लिए दवाई दिया जाता है।
  • गैस्ट्रोपेरासिस: इसे गैस्ट्रिक खाली होने में देरी के रूप में जाना जाता है, गैस्ट्रोपेरासिस एक विकार है जिसमें पेट अपने सामग्री को खाली करने में बहुत ज्यादा समय लेता है, ऐसा आमतौर पर पेट की नसों को नुकसान के वजह से होता है। जिसे टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज होता है उसे गैस्ट्रोपेरासिस का खतरा अधिक होता है।
  • पित्ते की पथरी: पित्त के कठोर होने पर पित्ताशय की थैली में पित्त पथरी बन जाता है। जब पित्त की पथरी पित्ताशय की थैली के सिस्टिक वाहिनी को अवरुद्ध करने लगता है, तो पेट मे गंभीर दर्द महसूस होता है। पित्ते की पथरी को शल्य चिकित्सा द्वारा निकाला जाता है।

पेट के निचले हिस्से में दर्द Pain In Lower Abdomen

पेट के ऊपरी लक्षणों के साथ, पेट के निचले हिस्से के दर्द का मतलब यह नहीं है कि समस्या आंतों में है। कई पाचन विकार ऐसे होते हैं जो पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन जैसी समस्यायें होती हैं।

कुछ सामान्य लक्षण Some Common Symptoms

सीलिएक रोग Celiac Disease: जिनको सीलिएक रोग होता है वे लोग ग्लूटेन नहीं खा सकते हैं क्योंकि ग्लूटेन छोटी आंत को नुकसान पहुंचाता है। इस स्थिति मे डाक्टर से इलाज करवाने की जरूरत होती है।

डाइवर्टिक्युलर डिजीज Diverticular Disease: यह डायवर्टिकुला के सूजन की समस्या है, जिससे आंतों की दीवारों में फैलाव होता है। डायवर्टीकुलोसिस से ग्रस्त ज्यादातर लोग कभी भी लक्षणों का अनुभव नहीं करते हैं। दूसरी तरफ, डायवर्टीकुलिटिस, बाएं नीचे के तरफ पेट में तेज दर्द पैदा करता है, जो आमतौर पर बुखार के साथ होता है। यदि डायवर्टीकुलिटिस का संदेह हो, तो जितना जल्द हो सके डाक्टर से दिखाना चाहिए तथा इलाज करवाना चाहिए नहीं तो यह बीमारी जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

Irritable bowel syndrome (IBS) : इसका मुख्य लक्षण पेट में दर्द ,दस्त या दोनों होते हैं।

पेट के कैंसर का लक्षण Stomach Cancer Syndrome

पेट के कैंसर का मुख्य लक्षण निम्नलिखित है-

  • मल में खून आना
  • भूख कम लगना
  • वजन कम होना
  • थकान महसूस होना
  • बार-बार बुखार आना
  • लगातार या बार-बार पेट मे दर्द होना
  • एनीमिया

यदि गुदा से खून आ रहा हो, तो अवश्य ही तत्काल चिकित्सक से सलाह लेकर ईलाज करवाना चाहिए।

Divya Triphala churna- दिब्य त्रिफला चूर्ण कब्ज उपचार के लिए तथा पाचन अंगों को ठीक करने के लिए लाभकारी है। Read More

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